झारखंड मैं हुई अग्रवाल सम्मेलन की सदस्यता अभियान को लेकर मैराथन बैठक

झारखंड सहित पूर्वी भारत में संगठन विस्तार को लेकर मैराथन बैठक, ज्यादा से ज्यादा बंधुओं को सम्मेलन से जोड़ने पर बनी रणनीति

रांची। श्री विनय सरावगी जी, अध्यक्ष, पूर्वांचल के कार्यालय, कच्छ रांची में अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री बसंत कुमार मित्तल जी की उपस्थिति में संगठन के विस्तार एवं सदस्यता अभियान को लेकर एक महत्वपूर्ण एवं विस्तृत बैठक आयोजित हुई। बैठक में जमशेदपुर से आए झारखंड प्रांतीय अध्यक्ष संदीप मुरारका जी, प्रांतीय कोषाध्यक्ष अजय भालोटिया जी, प्रांत उपाध्यक्ष कमल किशोर अग्रवाल जी एवं युवा के प्रांतीय अध्यक्ष सौरभ सरावगी जी सहित प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित रहे।

लगभग ढाई से तीन घंटे चली मैराथन बैठक में झारखंड में अग्रवाल सम्मेलन को और मजबूत करने तथा सदस्यता विस्तार को गति देने पर गंभीरता से विचार-विमर्श किया गया। साथ ही बिहार, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल एवं असम में संगठन की स्थिति, आगामी कार्ययोजना और अधिक से अधिक अग्र बंधुओं को सम्मेलन से जोड़ने को लेकर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में निर्णय लिया गया कि सावन के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष बसंत मित्तल जी के साथ झारखंड के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया जाएगा। इस दौरान स्थानीय पदाधिकारियों एवं अग्र बंधुओं से संवाद कर संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने, नई इकाइयों के गठन तथा सदस्यता अभियान को व्यापक बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

बिहार में संगठन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए इसे पटना एवं भागलपुर—दो प्रमुख संभागों में व्यवस्थित करते हुए संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने पर भी सहमति बनी। पदाधिकारियों ने माना कि क्षेत्रवार जिम्मेदारियां तय करने और नियमित संवाद से संगठन का विस्तार तेजी से किया जा सकता है।

बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष बसंत मित्तल जी द्वारा पिछले एक पखवाड़े में दक्षिण भारत के चेन्नई, बैंगलोर, हैदराबाद एवं राजस्थान, हरियाणा एवं दिल्ली के किए गए संगठनात्मक दौरों की सराहना की गई। पदाधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जी का लगातार विभिन्न प्रदेशों एवं शहरों में जाकर पदाधिकारियों और समाजबंधुओं से सीधे संवाद करना संगठन में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार कर रहा है।

बैठक में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि पूरे देश में नियमित प्रांतीय एवं क्षेत्रीय दौरे, सक्रिय सदस्यता अभियान और आपसी समन्वय ही सम्मेलन को मजबूत बनाने का आधार हैं। जब राष्ट्रीय एवं प्रांतीय पदाधिकारी मिलकर समाज के बीच पहुंचेंगे, तो संगठन की गतिविधियां व्यापक होंगी और अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन की एकजुटता एवं शक्ति भी प्रभावी रूप से सामने आएगी।

बैठक का मुख्य संदेश स्पष्ट रहा—संगठन का विस्तार, सदस्यता में वृद्धि और समाज के प्रत्येक अग्र बंधु को जोड़कर सम्मेलन को देशव्यापी रूप से और अधिक मजबूत बनाना।

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